How To Charge Mind

How To Charge Mind | माइंड को चार्ज कैसे करें। | World Mental Health Day 2021

नमस्कार दोस्तों, आज का हमारा टॉपिक है: अपने माइंड को चार्ज कैसे करें | (How To Charge Mind). अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखना, अपने मस्तिष्क को ऊर्जा देना, अपने मस्तिष्क को सकारात्मक विचारों से भरकर रखना ही इस मस्तिष्क दिवस का उद्देश्य है। इसके लिए हम क्या करें, आइए जाने हम अपने ब्लॉग के द्वारा। 

अपने सुधार के लिए रोज excited रहें। रोज कुछ ना कुछ नया जानने की कोशिश करें। रोज कुछ ना कुछ जीवन में अपनाने की कोशिश करें।रोज का थोड़ा थोड़ा सुधार जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन लेकर आता है।

Table of Contents

How To Charge Mind

पैदल चलें।

सर्वप्रथम उठते ही थोड़ा पैदल चलें।पैदल चलने से हमारा शरीर बैलेंस होता है, और सारे शरीर के सारे अंग प्रत्यंग गतिशीलता प्राप्त करते हैं।हमारी बॉडी अगर हमारे दिमाग के मुताबिक ना चले,और हमारा स्वास्थ्य ही अगर सही ना रहे तो सब कुछ बेकार है अतः सबसे पहले अपने शरीर पर ध्यान दें।

आपके पास समय है।

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अगर सुबह हमें समय ना मिले तो हम अपने लंच ब्रेक के पहले का समय इस काम के लिए इस्तेमाल करें।अपने ऑफिस के चेयर पर ही ना बैठे रहे, बार-बार उठने बैठने का प्रयास करें। अपने लंच ब्रेक में भी थोड़ा वॉक ले, इससे शरीर स्वस्थ रहेगा, मस्तिष्क को गतिशीलता,मिलेगी।

लंच ब्रेक में अगर समय ना भी मिले तो आप डिनर के पहले का समय निकाल कर अपने शरीर को चार्ज कर सकते हैं। उस समय आप हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या जो आपको पसंद है ,बॉडी के ऊपर थोड़ा प्रेशर डालें और हमेशा इस बात को याद रखें कि, इसे टालना माने, अपने शरीर में किसी अतिरिक्त चीज को दावत देना है ,अपनी खुशियों से समझौता करना है।

अगर यह भी समय ना मिले तो एक उपाय और आपको बता देता हूं आप अपने टीवी देखने के समय , टीवी देखते हुए जोन्गिंग, एक्सरसाइज़र, साइकिलिंग, कर सकते हैं। अपने शरीर पर प्रेशर दबाव डाल सकते हैं। अपने मस्तिष्क के साथ अपने शरीर को आप क्रियाशील बना कर रखें, तो स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, मन भी प्रसन्न होगा।

चाहने वालों को महत्व दें।

अपने चाहने वालों के साथ अधिक से अधिक अपना समय व्यतीत करें, क्योंकि यह हमारे शरीर और मन को आराम और विश्राम देता है। हमारे मस्तिस्क के अतिरिक्त दबाव को कम करता है, और हम प्रसन्नता का अनुभव करते हैं।

खोजें।

अपने जीवन शैली में से कुछ ऐसा ढूंढे जो आपको करने में बहुत आनंद महसूस कराता हो।उसमें निरंतर सुधार भी करें,उस क्षेत्र में नया कुछ सीखें।यह हमें मानसिक चार्ज करता है, और आर्थिक उपलब्धि भी प्रदान करा सकता है,इस पर थोड़ा थोड़ा रोज काम जरूर करें।

चार्ज के लिए दबाव

अपने समय को बचाने के लिए अपनी बॉडी स्ट्रैचिंग 5 मिनट करके भी हम स्वस्थ रह सकते हैं। यह हमारे शरीर को मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से स्वस्थ करती है।यह हमारे शरीर की मांसपेशियों के लिए भी अति लाभकारी है।

मित्र हमारा चार्जर।

अगर यह सब अकेला करने में आलस्य, लगे तो अपना एक दोस्त ऐसा चुनें, जो आपको इस समय साथ देने की उत्सुकता रखता हो। अपने जीवन साथी को भी इसके लिए आप चुन सकते हैं।

अदभुत किंतु काम करता है।

अपने कुछ चुनिंदा गानों की लिस्ट मोबाइल में रखें और उसे खाली समय मिलने पर सुनें।यहआपको मानसिक रूप से अपनी आदतों में सुधार के लिए निरंतर प्रेरित कर मस्तिष्क को भी तरोताजा रखता है। मन में खुशियों की नई तरंगे उत्पन्न करता है।

Outdoor गेम खेलें।

कुछ आउटडोर गेम जैसे बैडमिंटन ,टेनिस ,या फुटबॉल भी आप अपने निरंतर रूटीन में खेल सकते हैं। यह आपको थोड़े समय में अति उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करा सकता है। इन आउटडोर गेम के खेलने से हमारे शरीर से पसीना निकलता है ,जिससे हमारा शरीर अपने अंदर के टॉक्सिन को बाहर निकाल देता है , जिससे हमारा मस्तिष्क , खुशियां महसूस करता है।

सोच कर सोचें। सकरामक ही सोचें।

अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए निरंतर सकारात्मक रहे ।अपने जीवन के सकारात्मक पहलू पर ही निरंतर चिंतन करें, ना कि बीते हुए कल पर। अपने आपको आने वाले कल की तैयारी के लिए झोंक दें।इसकी पूरी योजना बनाएं ,अपने मस्तिष्क में उस स्थिति को फिल्म की तरह देखें, निश्चित रूप से वह स्थिति आपके जीवन में बन जाएगी।

सपने देखें।

बड़े सपने देखें और उन सपनों को पूरा करने के लिए उस पर काम करें।

अतीत से सीखें।

अपनी असफलता का आँकलन करें !अपनी गलतियों से सीखे और आगे के जीवन में नई नई योजना बना कर काम करें।

Meditration जरूर।

अपनी सफलता के लिए किसी ना किसी तरह का मेडिटेशन जरूर करें ,यह मेडिटेशन वाकिंग भी हो सकता है, बैठकर भी हो सकता है, अमृतवेला यानी प्रातः काल भी हो सकता है।या दिन से किसी भी समय हो सकता है। रात को सोने से पूर्व भी हो सकता है, जो हमारे मस्तिष्क को पूरी तरह से चार्ज कर देता है।

सांसों को महत्व दें।

लंबी सांस लेकर प्राणायाम तथा आसन द्वारा अपने मस्तिष्क को दिन भर में जब समय मिले तब चार्ज करें इसके अलावा अगर दिन भर में नियमित रूप से अगर तीन बार प्राणायाम किया जा सके तो यह हमारे मस्तिष्क को पूर्ण रूप से चार्ज रखता है। हमारी सांसों में ही छिपी है, मस्तिष्क की समस्त ऊर्जा शक्तियां।

योग के द्वारा भी हम अपने मस्तिष्क को भरपूर ऊर्जा देते हैं ,अगर प्रातः कालीन समय में प्रकृति के बीच, किसी बगीचे में जाकर कुछ देर का प्राणायाम और योगासन किया जाए तो यह हमारे मस्तिष्क को प्रचुर ऊर्जा देता है।

इसके आगे भी बहुत कुछ।

अपने जीवन में कई बार इमरजेंसी, जैसे सिचुएशन हमें महसूस होती है ,उस समय हम घबरा जाते हैं, उस समय हमें यह देखना चाहिए क्या यही जीवन का अंतिम छोर है ,या नहीं। ऐसा सोचने से हमें आगे का मार्गदर्शन सही रूप से दीखता है। अपने सलाहकार या अपने मित्र से इस समय सलाह करनी चाहिए, इससे हम अपने आप को चेंज कर सकते हैं, और अपनी जीवन यात्रा में आगे बढ़ सकते हैं।

ब्रेक लें।

जो भी हम काम करते हैं उसमें हम बीच-बीच में 5 मिनट का ब्रेक ले उस दौरान हम अपने आप को चार्ज करें इससे हम अपने आप को फिर से तरोताजा महसूस करेंगे।

जैसा खाए अन्न वैसा बने मन, यह कहावत हम सबने सुनी है।अतः अपने भोजन पर विशेष ध्यान दें प्राकृतिक वस्तु ,जैसे फल फूल, सब्जियों को अधिक से अपने जीवन में प्रयोग करें।ऐसी वस्तु खाने से बचें जो दातों से भी अति कठिनता से चबाई जाती हो, क्योंकि जो वस्तु हमारा दांत ही कठिनाइ से चबा पाता है वह वस्तु हमारे पेट में जाकर क्या अवस्था करेगी हम समझ सकते हैं। हमारे खाने की रूटीन से भी हमारा मन मस्तिष्क ऊर्जा प्राप्त करता है, और हम आनंद महसूस करते हैं।

अपनी चुनौतियों से निपटना सीखे

इस जीवन में किसी के लिए यह मुमकिन नहीं कि वह हमेशा खुश रहे। जीवन में उतार-चढ़ाव तो लगे ही रहते हैं ,अपने चुनौती भरे समय में अपने मन मस्तिष्क को कैसे संभालना है, यह सीखें। इसके लिए सबसे जरूरी बात यह सीखनी है, कि हम हमेशा यह बात याद रखें, आई हुई प्रत्येक परिस्थिति क्षणिक है ,कुछ समय के लिए है, यह भी गुजर जाएगी और इस परिवर्तनशील जीवन में इन सब परिस्थितियों का आना जाना एक प्रकृति नियम की तरह है, जो हमारे विकास के लिए प्रकृति निरंतर निर्माण करती है।

प्रकृति द्वारा निर्मित प्रत्येक परिस्थिति का निर्माण हमारे कल्याण के लिए

जब हम किसी गलत दिशा में जाने लगते हैं, उस समय यह प्रकृति उस तरह की स्थिति का निर्माण करती है जिससे हम अपने दिशा और दशा दोनों को बदलने के लिए मजबूर हो जाते हैं, और पुनः अपने जीवन का सृजन कर पाते हैं। इस तरह आई हुई इस चुनौती की परिस्थिति का सामना करें, डट कर मुकाबला करें, और यह ध्यान रखें कि यह भी निकल जाएगी।

प्रकृति के पास जाएं

बाहर जाकर खुली हवा में किसी बाग बगीचे में घूमना, वहाँ पेड़ पौधों और घास ,मिट्टी की खुशबू को सूंघना ,वहां प्राकृतिक रूप से पक्षियों के जल के बहने की आवाज को सुनना।यह हमारे मन और शरीर को तरोताजा कर देता है, प्रसन्नता और आनंद महसूस कराता है। इस समय अपने मोबाइल फोन से दूर रहने का प्रयास करें।

पुस्तकें पढ़ें।

अपने आपको चार्ज करने के लिए नई नई पुस्तकें पढ़ें। नया कुछ सीखें। कुछ करके मित्रवत रूप से हमारे जीवन में निरंतर ज्ञान का प्रकाश करती है हमारा मार्गदर्शन करती है और हमें कभी भी अकेला होने नहीं देती।

आदतों पर काम करें।

अच्छी आदतों को अपनाने का प्रयास करें, अपनी अच्छी आदत ही हमारा जीवन निर्माण करती है ,और गलत आदतें ही हमें हमारे शरीर और जीवन को शून्य कर देती है। अगर हम अच्छी आदतों को बनाने का प्रयास नहीं करते तो बुरी आदत है अपने आप ही जीवन में बनने लगती है।

अपनी क्रिया का चिंतन करें।

अपनी वैल्यू पर काम करें। अपने लक्ष्य का आंकलन करें। यह देखें कि मैं जो कर रहा हूं वह मुझे किस दिशा की ओर ले जा रहा है इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मेरे द्वारा लिया गया निर्णय सही है कि नहीं, इस पर विचार करें।

विश्वास को भी परखे।

अपने विश्वास का आकलन करने के लिए आपके द्वारा लिए गए निर्णयके खिलाफ जो लोग हैं, उनके साथ भी बातें करें, और अपने विश्वास पर डटे रहें ,जो हमें मजबूती प्रदान करता है।

you are unique.

अपने को कभी छोटा महसूस ना करें ,अपनी वैल्यू को कभी कम करके ना आंकें। हमेशा खुश रहने के लिए अपने जीवन में प्राप्त कुछ उपलब्धियों के बारे में सोचें, जिसे हमने प्राप्त किया है। उस स्थिति के बारे में सोचें जिससे हम बाहर आए हों। जिस समय हम ने कठिन निर्णय लिए हों। अपने आप को बड़ा महसूस कराएं।

छोड़ें।

ऐसी स्थिति से छुटकारा पाने के लिए अथक प्रयास करें, जो हमें हमारी खुशियों से समझौता कराने पर मजबूर कराती है, और उस चीज को छोड़ने का ही प्रयास करें ,ताकि हम निरंतर प्रसन्न रह सकें।

विदाई दें।

ऐसी चीज ,ऐसी आदत, ऐसी वस्तुएं ,जो हमारे जीवन में हमारे किसी उपयोग की नहीं उसे अपने जीवन से बाहर निकालें। इस खाली जगह को अपनी सकारात्मक चीजों से पुनः भरने के लिए प्रकृति आपको नए-नए मौके देगी।

खुद को ऑक्सीजन देने के बाद ही दूसरों की मदद करें।

अच्छे लोग दूसरे लोगों के बारे में ज्यादा सोचते हैं किंतु यह ध्यान रखें आपका जीवन आपके दूसरों से ज्यादा कीमती है, अतः अपने बारे में पहले सोचे और अपने आप को तरोताजा महसूस करें।

अपनी कमी को ढूंढें। और उस कमी को दूर करने के लिए प्रयास करें यह निरंतर आपको ऊर्जावान करेगी।

अपने कठिन कामों को पहले करें।

अपने जीवन के कठिन कामों को पहले पूरा करने पर काम करें, उन कठिन कामों को पहले पूरा करने से हम अपने आपको ऊर्जावान महसूस करते हैं। इससे मस्तिष्क में शांति बनी रहती है और खुशियों की तरंगे चलने लगती है।

दैनिक जीवन के तीन कठिन कार्यों को हर हफ्ते पूरा करने की एक योजना पर वचनबद्ध रहें, और इस पर रोज कुछ ना कुछ काम करते रहे। एक ना एक दिन आप निश्चित रूप से बड़ी सफलता हासिल कर सकेंगे।

सिर्फ एक घंटा कम सोऐं।

कुछ भी जीवन में प्राप्त करने के लिए अपने दैनिक जीवन में जितना हम सोते हैं, उसमें 1 घंटे कम सो कर हम अपने जीवन में हजारों घंटे अपने विकास के लिए निकाल सकते हैं । इसका हमें जीवन का बहुमूल्य समय व्यतीत हो जाने पर एहसास होता है ,और उस समय इस समय की कीमत समझ पाते हैं।इस जल्दी उठने के लिए हम अपने सोने के समय को निर्धारित रखें ,और अपने शरीर को कितनी देर की नींद चाहिए उस अनुसार सोने और उठने की दिनचर्या बनाएं ।धीरे-धीरे हम देखेंगे हमारे जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन दिखाई देने लगेंगे।

मूवी देखें।

महीने में एक दो मूवी जरूर देखें मूवी हमारे जीवन की पाठशाला स्वरूप होती है जो हमें नई-नई शिक्षाएं देती हैं दिशाएं देती हैं। यहहमारे माइंड को चार्ज करती है।

सोशल मीडिया और स्क्रीन का उपवास।

कभी-कभी महीने में एक-दो घंटे या एक-दो दिन अपने मोबाइल, टीवी, सोशल मीडिया, से दूर रहें ,और मस्तिष्क को विश्राम देकर आनंद महसूस करें।

अतिथि को घर बुलाऐं या किसी के घर जाकर उनके साथ बातचीत करें।

भागम भाग भरे जीवन में हम सब इतने अधिक मानसिक दबाव में रहने लगे हैं कि, हमने मिलने जुलने, बातें करने और किसी व्यक्ति विशेष के साथ समय बिताने की आदत लगभग छोड़ सी दी है,इस तकनीक् से मन को खुशियाँ दें।

कुल मिलाकर हमारा मस्तिष्क सदैव खुश रहने के लिए सकारात्मक विचार गतिशीलता को पसंद करता है, तो इससे जुड़े रहे।

जय श्री कृष्ण

धन्यवाद……..

Nirmal Tantia
मैं निर्मल टांटिया जन्म से ही मुझे कुछ न कुछ सीखते रहने का शौक रहा। रोज ही मुझे कुछ नया सीखने का अवसर मिलता रहा। एक दिन मुझे ऐसा विचार आया क्यों ना मैं इस ज्ञान को लोगों को बताऊं ,तब मैंने निश्चय किया इंटरनेट के जरिए, ब्लॉग के माध्यम से मैं लोगों को बताऊं किस तरह वे आधुनिक जीवन शैली में भी जीवन में खुश रह सकते हैं

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