जिंदगी में आगे कैसे बढ़ें

जिंदगी में आगे कैसे बढ़ें ( how to move ahead in life)ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए क्या करें? (Zindgi me aage badhne ke liye kya kare)बहुत से लोगों को देखा है जो अपनी जिन्दगी में कीमती समय (valuable time) को बेकार चीजों और फालतू बातों पर बर्बाद कर देते हैं। या अपने daily routine में ऐसे कामों पर या ऐसी बातों पर time waste कर देते हैं,जिनसे कोई लाभ नहीं होता

Table of Contents

जो लोग आपकी हर बात में नुख्श निकालें, जो आपके हर काम में कमी ढूंढे,जो लोग आपके हर काम में नकारात्मक (negative) बात करें, ऐसे लोगों की संगत में रहने से अच्छा है कि आप अकेले रहें। जो लोग आपके सपने को ना समझ पायें, जो लोग आपको ना समझ पायें, ऐसे लोगों का साथ तुरन्त छोड़ देना चाहिए। 

ऐसे लोग हमेशा आपसे यही बोलेंगे कि “ये नहीं हो सकता” या “ये काम कभी नहीं हो सकता” या ” ये काम तुम नहीं कर पाओगे” या “ये काम तुमने सही नहीं किया” ये लोग आपको हमेशा आगे बढने से रोकेंगे या हमेशा आपका मनोबल गिरायेंगे। इसलिये ऐसे लोगों का साथ छोड़कर positive thinking वाले लोगों के साथ रहें। ऐसे लोग जो आपको हमेशा हर काम में बढ़ावा दें, आपको appreciate करें, आपका मनोबल बढायें |

2. लापरवाह होना / जिम्मेदारी को ना समझना । (Do not understand your responsibility/to be careless)

किसी भी काम में लापरवाही अंत में आपका नुकसान ही करेगी। आप अपनी जिन्दगी के जिस भी काम में लापरवाही करोगे उसमे आपको नुकसान ही उठाना पड़ेगा। चाहे वो काम आपका daily routine हो, relations हो, पढाई हो, स्वास्थ्य हो, नौकरी हो या और कुछ हो।

 रिश्तो में लापरवाही करोगे तो रिश्तो में दरार आ जायेगी, पढाई में लापरवाही करोगे तो फेल हो जाओगे, नौकरी में लापरवाही करोगे तो promotion नही होगा या नौकरी भी जा सकती है।स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह बनोगे तो स्वास्थ्य खराब हो जायेगा, अपने daily routine में लापरवाह बनोगे तो अपने daily के goals को achieve नहीं कर पाओगे। इसलिये लापरवाही छोड़िये और जिन्दगी के हर field में, हर काम में अपनी जिम्मेदारी को समझिये और हर काम को पूरी ईमानदारी, और जिम्मेदारी के साथ कीजिये। 

3.समस्यायों से दूर भागना । (Run away from the problems)

आप समस्याओं से कभी दूर नहीं भाग सकते। आप मुसीबतों से, समस्याओं से जितना दूर भागेंगे।आपकी समस्याएँ,और परेशानियाँ उतनी ही बढ़ती जायेंगी। आप समस्याओं का सामना किये बिना उन्हें खत्म नहीं कर सकते। इसलिये आपकी life में जो भी  मुश्किलें हैं, परेशानियाँ हैं, उनका डट कर सामना कीजिये और उनका समाधान कीजिये, उनका हल खोजिये। आप अपनी problems को face करके उन्हें खत्म कर सकते हैं, नहीं तो वो आपकी खुशियों को खत्म कर देंगी। 

4.ख्याली पुलाव पकाना / कुछ न कुछ सोचते ही रहना।

(To day dream)कुछ लोग हमेशा ख्याली पुलाव पकाते रहते हैं। वो सपने तो काफी बड़े बड़े देखते हैं कि “मैं ये करूँगा / “मैं वो करूंगा / “मैं ये बनूँगा । लेकिन असलियत में करते कुछ भी नहीं हैं। या जब कुछ करने का वक्त आता है तो पीछे हट जाते हैं।दोस्तों, बड़ी-बड़ी बातें सोचना, या बड़े-बड़े सपने देखना,लेकिन उनको पूरा ना करो ये गलत बात है। इसलिये आपने जो भी सपना देखा है या आपकी जो भी सोच, है जो भी ख्वाहिश है, उसको हकीकत में बदलिये, उसको पूरा करिये, उसको हासिल करिये    

5.किसी बात को लेकर डरना। (Be afraid of something)

हमें कभी भी किसी भी काम से या किसी भी बात से डरना नहीं चाहिए। डरते वो लोग हैं, जो कुछ गलत करते हैं। इसलिये अगर आप किसी से बात करना चाहते हैं या किसी से कुछ कहना चाहते हैं तो साफ साफ कह दें। हाँ आपके बात करने का तरीका सभ्य होना चाहिए। अगर कुछ काम शुरू करना चाहते हैं तो तुरन्त शुरू कर देना चाहिए। किसी भी चीज से बिल्कुल भी डरें नहीं। 

ज्यादा से ज्यादा इतना ही तो होगा, कि हो सकता है आपको rejection का सामना करना पड़े।तो भी कोई बात नहीं rejection भी आपको कुछ ना कुछ सिखाकर ही जायेगा। और ये भी हो सकता है कि आप जो करना चाहते हैं वो सही हो जाये। इसलिये अपने दिमाग से हर तरह के डर को निकालकर आप जो करना चाहते हैं निडर होकर उसको कर दीजिये । वर्ना आप सारी जिन्दगी सिर्फ डरते ही रह जायेगें। कुछ नहीं कर पायेगें।

6.बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देना । (Say anything without thinking)

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे सिर्फ अपने दिमाग से ही, अपनी समझ के अनुसार या ईर्ष्या के कारण किसी के भी बारे में बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देते हैं। जिससे कभी कभी स्थिति काफी बिगड़ जाती है। सामने वाले को जाने समझे बिना ही उसके बारे में अपनी राय बना लेते हैं। 

और वो राय ज्यादातर गलत ही होती हैं।एक तरह से सामने वाले के बारे में बिना कुछ जाने ही अपने आप उससे ईर्ष्या कर रहे होते हैं और खुद अन्दर ही अन्दर जल रहे होते हैं।ये गलत है। जब तक आप किसी के बारे में पूरी तरह से जान नहीं जाओ, उसे अच्छी तरह से समझ नहीं जाओ,उसके बारे में ना गलत सोचो, ना गलत कहो, ना उसके बारे में गलत राय बनाओ और ना ही उससे नफरत करो।

इसे भी पढ़े:-

इस दिवाली को हँसी ख़ुशी से  मनाने के लिए नया क्या क्या करे

दिवाली पर मन में अच्छे विचार से मन को भरें इस दिवाली घर के साथ-साथ मन के कोने कोने की सफाई करें मन मे कोई बात पकड़े  हैं किसी से

Read More »

सत्संग क्या है ?

सत्संग क्या है ? सत्संग से बिना प्रयास के मन स्वतंत्र हो जाता है। सत्कर्म , सत्चिंतन और सत्चर्चा जीवन भर करते रहने से सत्संग जीवन में आता है !

Read More »

Top Summer Vacation Activities Idea For Young Kids And Young Adult.

Table of Contents समर वेकेशन में क्या-क्या करें । नई हॉबी पर कम करें ,नई आदतें बनाएं, सामाजिक संस्थाओ से जुड़े। आप अपने फ्यूचर के बारे में योजनाएं बनाएं,आप जहां

Read More »

Top Summer vacation activities for students

Table of Contents विद्यार्थी के लिए उत्तम समय है । (Best Time for student) यह समय आराम और मनोरंजन  का है, यह समय उन कामों को करने का है जो

Read More »

हमेशा खुशहाल रहने  के rules जाने, अंतर्राष्ट्रीय खुशी  दिवस 2025 पर क्यों जरूरी है खुश रहना सीखना

साथियों यह जीवन बड़ा ही अनमोल है स्कूलों में वर्तमान में हम पहले पढ़तेहैं फिर परीक्षा देते हैं किंतु हमारे वास्तविक जीवन में उल्टा होता है पहले परीक्षाएं और चुनौतियां

Read More »

खुश रहने के स्वर्णिम सूत्र क्या है खुश रहने के रहस्य क्या है | Points for Happiness

खुश रहना क्यों जरूरी है – खुशी हमारी एक मानसिक स्थिति है जब हमारा मस्तिष्क शांति और सुकून को अनुभव करता है खुशी एक भावना है एक रसायन है जो

Read More »

7.अपनी वर्तमान स्थिति के बारे में सोचकर परेशान होना। (Get upset thinking about present)

आप अभी तक किसी चीज को हासिल नहीं कर पाये या अभी तक आप कुछ बन नहीं पाये तो आप दुखी मत होइये, परेशान मत त यू फाग रे तहोइये । समस्यायें, परेशानियाँ सभी के जीवन में लगी रहती हैं। कुछ पाने के लिये, कुछ बनने के लिये हर किसी को अपनी जिन्दगी में संघर्ष क्कचरना पड़ता है।

 समस्यायें, परेशानियाँ, संघर्ष जिन्दगी का एक अहम हिस्सा हैं। ये सफलता की पहली सीढ़ी हैं। सफलता का रास्ता इन्हीं से गुजर कर जाता है। इसलिये समस्याओं से घबराएँ नहीं मबल्कि उनका डट कर सामना करें और आपको बेहतकोर बनाने का प्रयास करते रहें।
जय श्री कृष्ण

Nirmal Tantia
मैं निर्मल टांटिया जन्म से ही मुझे कुछ न कुछ सीखते रहने का शौक रहा। रोज ही मुझे कुछ नया सीखने का अवसर मिलता रहा। एक दिन मुझे ऐसा विचार आया क्यों ना मैं इस ज्ञान को लोगों को बताऊं ,तब मैंने निश्चय किया इंटरनेट के जरिए, ब्लॉग के माध्यम से मैं लोगों को बताऊं किस तरह वे आधुनिक जीवन शैली में भी जीवन में खुश रह सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version