What is best answers for happiness

खुश रहने के लिए हमें यह समझने की जरूरत है एकमात्र जो इंसान वास्तव में हमको खुशी महसूस करा सकता है,वो हम स्वयं ही हैं। जिस तरह शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दूसरा व्यक्ति हमारी जगह कसरत करे तो हमारे शरीर को लाभ नहीं मिल सकता उसी तरह खुश रहना हमारे मन की स्थिति है और इस खुशी के लिए हमें स्वयं को ही खुश रहने का दृढ़ निश्चय करना पड़ता है। इस खुशी को भी जानना और समझना पड़ता है।

खुशी कहाँ और कैसे

जीवन की छोटी-छोटी खुशियां जीने का सहारा बनती है हमारी इच्छाओं का क्या यह तो पल-पल बदलती रहती है। किसी ने खूब कहा है सिर्फ खुशी के लिए काम करेंगे तो खुशी ही मिल पाएगी लेकिन खुश होकर काम करेंगे तो खुशी के साथ सफलता भी निश्चित मिलेगी। कुल मिलाकर खुशी और शांति हमारे अंदर से आती है बाहरी दुनिया में इसे खोज कर व्यर्थ समय नहीं गंवाना चाहिए।

खुशी एक ऐसा अनुभव है जिसे हम हमारे विवेक द्वारा अपनी बुद्धि में संग्रह कर सकते हैं। इसको हृदय के धरातल पर जन्म दे सकते हैं। इसके बीज डाल सकते हैं,जिससे यह उम्र के साथ बढ़ती चली जाती है। हर व्यक्ति के हिसाब से खुशी को अलग-अलग परिभाषा दी जाती है कुछ  कहते हैं,खुशी कला है कुछ कहते हैं यह एक यात्रा है लेकिन मेरे हिसाब से यदि हमको जीवन में वह मिल जाए,जो हम चाहते हैं तो उससे मिलने वाली सकारात्मक भावना और इमोशन को हम खुशी कह सकते हैं।

खुशी और जीवन

खुशी मन का एक उत्पाद है इसलिए इसे शब्दों में बयां करना कठिन है इसे केवल महसूस ही किया जा सकता है। स्वस्थ जीवन के लिए मन की प्रसन्नता का होना बहुत जरूरी है।

खुशी का मतलब

प्रसन्नता का मतलब संतुष्ट होने की अवस्था से है।यह  खुशी हर व्यक्ति में अलग अलग तरह से दिखाई देती है। किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा होता है तो वह खुश नजर आता है,किसी व्यक्ति के रिश्ते अच्छे होते हैं और सामाजिक मान सम्मान होता है तो  व्यक्ति खुशी का अनुभव करता दिखता है कोई दे कर खुशी का अनुभव होता दिखाई देता है तो कोई लेकर खुशी को अनुभव करता दिखाई देता देता है। इस तरह खुशी हर मानव को मन की चाह पूर्ति से मिलती दिखती है।

खुशी को अनुभव के तरीके

खुशी हमें हमारा मनपसंद स्वादिष्ट भोजन भी देता है और कोई अच्छी सी मूवी देखना भी हमें खुशी दे सकता है। हम प्रकृति की गोद में किसी हिल स्टेशन में घूमने जाकर भी आनंदित हो सकते हैं बच्चों के साथ खेल कर, कभी किताबें पढ़कर सर्दियों की सुबह गर्म जल से स्नान कर तो कभी साइकिल चला कर भी हम खुशी का अनुभव कर सकते हैं।

अपनी मनपसंद पुस्तक पढ़ना अपने मित्र के साथ घूमने जाना रिश्तेदारों के साथ समय व्यतीत करना भी हमें खुशी दे सकता है। इन कुछ तरीकों से खुश रहा जा सकता है लेकिन प्रसन्नता के लिए अच्छा स्वास्थ्य बहुत जरूरी है एक स्वस्थ व्यक्ति ही खुश रह सकता है और अपने आसपास के लोगों को भी खुशी दे सकता है।

खुशी के लिए चिंता छोड़े

अतीत और भविष्य की अनचाही चिंताएं हमारे वर्तमान के छोटे से सुख को भी छीन सकती है,इसलिए वर्तमान में जियें, इस अतीत और भविष्य दोनों की चिंता छोड़े। जिन लोगों को हम पसंद करें उनके साथ समय ज्यादा व्यतीत करें।हम जो भी कार्य करें,अपने मनपसंद का ही काम करें,मजबूरी वश किसी ऐसे काम को न करें जो हमें हमसे हमारी खुशी छीनता हो। यदि हमारे पास एक शिक्षित समझदार और बुद्धिमान मित्र है तो भी हम सवयं को भाग्यशाली और खुश व्यक्ति मान सकते हैं।

खुशी और प्यार की भावना

जब हम किसी को प्यार देते हैं या उसे अपने प्यार का एहसास कराते हैं तो हम स्वयं भी खुश होते हैं और सामने वाला व्यक्ति भी खुश होता है। इस प्यार की भावना से हमारे मस्तिष्क में डोपामाइन सेरोटीन जैसे रसायन का उत्पाद बढ़ने लगता है जो हमें खुशी का अनुभव कराता है। आभार की भावना से मिलती है खुशी।

ईश्वर से जो मिला है उसके लिए शुक्र गुजार और आभार प्रकट करने की आदत होने से भी हम खुशी को महसूस कर सकते हैं। अध्यात्मिकता से भी मिलती है खुशी। सच्ची खुशी हमें आत्मा के खुश होने पर मिलती है और आत्मा परमात्मा का अंश है इसलिए परमात्मा से जुड़ने और जब हम आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर होते हैं तब हमें खुशी मिलती है।

खुशी के रसायन

जब हम संतुष्टि और सकारात्मकता का अनुभव करते हैं उस समय हमारे मस्तिष्क  के अंदर कुछ रसायन का उत्पादन होता है जिसे डोपामाइन या सेरोटिंन कहते हैं जो हमें आनंदित करता है।
जय श्री कृष्ण
धन्यवाद

Nirmal Tantia
मैं निर्मल टांटिया जन्म से ही मुझे कुछ न कुछ सीखते रहने का शौक रहा। रोज ही मुझे कुछ नया सीखने का अवसर मिलता रहा। एक दिन मुझे ऐसा विचार आया क्यों ना मैं इस ज्ञान को लोगों को बताऊं ,तब मैंने निश्चय किया इंटरनेट के जरिए, ब्लॉग के माध्यम से मैं लोगों को बताऊं किस तरह वे आधुनिक जीवन शैली में भी जीवन में खुश रह सकते हैं

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