कैसे हम गहराई से ध्यान लगाए। How do we meditate deeply
ध्यान करने का मतलब है, खुद का ध्यान रखना, अपनी सोच , अपने, शब्द, अपने विचार, अपने कर्म का ध्यान रखना ।ध्यान कोई नियमित समय के लिए नही होता।यह जनम से जीवन के … Read More
ध्यान करने का मतलब है, खुद का ध्यान रखना, अपनी सोच , अपने, शब्द, अपने विचार, अपने कर्म का ध्यान रखना ।ध्यान कोई नियमित समय के लिए नही होता।यह जनम से जीवन के … Read More
प्रत्येक व्यक्ति में सौंदर्य, रूप,बल, भावना, व्यवहार, ,स्वभाव ,में भिन्नता रहती है और इन सब का मिश्रण ही पेरसोनालिटी कहलाता है। इन सबका विकास या इन सबका बढ़ना उसके जीवन … Read More
हर आदमी जीवन में पैसे की निरंतर गतिशीलता अपने जीवन में चाहता है, ताकि वह सुखी और खुशहाल जीवन जी सके, इस स्थिति पर पहुंचना ही आर्थिक स्वतंत्र होना कहलाता … Read More
स्वास्थ्य है तो सब है।स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे पहल है।इसके ध्यान रखने की जिमेदारी हमारी खुद की है। हम हमारे स्वास्थय के निर्माण के लिए क्या करें, हमारी दिनचर्या … Read More
हमारे दिमाग को हम डस्टबिन की तरह कुछ भी डालने के लिए प्रयोग ना करें , क्योंकि है यह बहुत ही कीमती वृक्ष हमारे पूरे जीवन के लिए होता है … Read More
चुप रहना या मौन रहना मतलब होता है कि हम अपने विचारों का मन ही मन चिंतन और मनन करते हैं ,और इस दौरान हम उस वक्त का इंतजार करते … Read More
अपने शरीर तत्व को शुद्ध करके तेज बढ़ाने, की क्रिया को हम आभा बढ़ाना या औरा बढ़ना कहते हैं। इस औरा को बढ़ाने के लिए शुद्धता को बढ़ाना पड़ता है, … Read More
रोज सुबह जल्दी उठे अगर संभव हो तो 5:00 से 5:30 के बीच जरूर उठे इससे आपको जीवन जीने का एक नया अनुभव और अवसर मिलेगा। दिन भर में तीन चार बार … Read More
विद्यार्थी यानी पढ़ने वाले बच्चे और ,विद्यार्थी का प्रथम कर्तव्य अपनी शिक्षा पर ध्यान देना ही होता है। पढ़ाई की जिम्मेदारी ईमानदारी से Table of Contents आपका स्वास्थ्य भी आपकी … Read More
हमारे मस्तिष्क में दो तरह के माइंड होते हैं पहला अवचेतन मस्तिष्क जिस को sub conscious mind कहते हैं, दूसरा होता है conscious mind ,चेतन मन हम कह सकते हैं … Read More
diary ( डायरी) वस्तु के दृष्टिकोण से दैनिक पुस्तिका नोटबुक या किताब है जिसमें प्रत्येक पन्ने में साल की 365 दिन के तारीख लिखी होती है और उसके नीचे कुछ … Read More
प्रतिग्रह जो हमने संग्रह किया है उसका प्रयश्चित ही दान कहलाता है । दान को जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया गया है यह एक प्रकार का नित्य कर्म है जिससे … Read More