विनम्रता का क्या अर्थ है | vinamrata ka kya arth hai |
विनम्रता का क्या अर्थ है (Vinamrata ka kya arth hai), नम्र स्वभाव। मनुष्य का विनम्र स्वभाव उसे सबका प्रिय बना देता है। जिस प्रकार आभूषण सबको प्रिय लगते हैं उसी प्रकार व्यक्ति की विनम्रता सबको प्यारी लगती है,इसीलिए देखा जाता है कि विनम्र व्यवहार वाला व्यक्ति संसार में ऊंचाई पर पहुंच ही जाता है।जितने भी महान व्यक्तित्व इस संसार में हुए उनके जीवन चरित्र में, उनको प्रभावशाली बनाने में, विनम्रता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।विनम्रता मानव का प्रथम गुण है।यह हमे उदार होना सिखाती है।
विनम्र व्यवहार और मन की कोमलता किसी भी हथियार से अधिक शक्तिशाली होती है, जबकि कठोर से कठोर वस्तु को काटने वाली तलवार भी रुई की ढेर को काट नहीं पाती।अभिप्राय यह है,जहां कठोरता का जल्दी नाश हो जाता है वही विनम्रता का व्यवहार उसे जीवन के ऊंचाई पर पहुंचा देता है,उसका अस्तित्व कोई नहीं मिटा पाता।
विनम्रता पत्थर को भी मोम कर देती है, नम्रता सारे सद्गुणों का दृढ़ स्तंभ होती है,जो हमारे व्यक्तित्व का परिचय देती है।बुद्धिमान पुरुष की पहली पहचान उसकी विनम्रता ही होती है।हम अपने सारे सद्गुणों का सदुपयोग भी तभी कर पाते हैं,जब हम विनम्र होते हैं।हमेशा हम इस बात का ध्यान रखें,जहां विनम्रता से काम हो,वहां हम उग्र कभी ना हों। इसलिए, किसी ने कहा है जब दोस्त बना कर काम हो सकता है,तब दुश्मनी करने की क्या जरूरत है।
विनम्र स्वभाव वाले व्यक्ति दूसरों की बातों को ध्यान से सुनते हैं,और उनमें विनम्रता से अपने विचारों को समझाने की भी निपुणता होती है।उन्में अपनी गलती को स्वीकार करने का साहस होता है।ऐसा व्यक्ति सबका विश्वास आसानी से अर्जित कर लेता है,और इस विनम्रता की वजह से ही सभी लोग उसे सम्मान की दृष्टि से भी देखने लगते हैं।
विनम्र स्वभाव वाले व्यक्ति को सफलता, समृद्धि,सभी आसानी से जीवन में प्राप्त हो जाती है।विनम्र व्यहार वाले व्यक्ति के जीवन में एक समय ऐसा आता है,जब बहुत से लोगों का झुंड उसके साथ होता है।
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विनम्रता कैसे मिलती है?
यह विनम्रता हमें शिक्षित होने से प्राप्त होती है। जीवन में जो लगातार सीखने का जुनून रखते हैं,वे जीवन में मस्तिष्क के विकास और ज्ञान के भंडार की वजह से विनम्र होते जाते हैं। इस ज्ञान की वजह से उन्हें इस जीवन की सभी गतिविधियों का पता रहता है,जिससे उनका मन मस्तिष्क शांति से किसी भी परिस्थिति के उत्पन्न होने पर उसे ध्यान से देखता है,उसका चिंतन मनन करता है,जिससे वह किसी भी हालात में उग्र नहीं होता और शांति से आगे बढ़ पाता है।
विनम्रता का महत्व क्या है ?
सफल जीवन के लिए हमारे स्वभाव का विनम्र होना बहुत ही मायने रखता है।स्वभाव के विनम्र होने से हम किसी भी परिस्थिति में अपनी विनम्रता के बल की वजह से किसी भी मानव से कोई भी काम करवा लेते हैं, जिसकी वजह से हमारे जीवन की प्रगति की रफ्तार बनी रहती है,और हम आगे बढ़ते रहते हैं। हर मनुष्य को विनम्र व्यक्ति ही पसंद आता है, और इस वजह से हर व्यक्ति उसका साथ देने के लिए तैयार हो जाते हैं। हम किसी के भी अंतर्मन को भी अपनी विनम्रता से ही छु पाते हैं।किसी का भी दिल जीत कर उसके दिल पर छा जाते हैं।
बड़ी सफलता
मनुष्य की विनम्रता उसकी बड़ी सफलता का कारण बनती है,जो उसे उस ऊंचाई के उस मुकाम पर पहुंचा देती है,जहां जाने कि वह उम्मीद भी नहीं करता।
विनम्रता का कवच
इंसान जब विनम्र होता है,तो उसे इस बात का पता होता है,कि यह संसार कुछ नियमों के आधार पर चलता है,और जीवन में सभी स्थितियां आती और जाती रहती है।सुख-दुख मान,सम्मान,लाभ-हानि जीवन में एक सिक्के के दो छोर की तरह होते हैं,और सबसे कमाल की बात,उन्हें इस बात का एहसास होता है, सिर्फ कर्म करना उनके हाथ में हैं,और परिणाम प्रकृति और उन अदृश्य शक्तियों के हाथ में है,जो हमें हमारे कार्यों के अनुकूल निश्चित परिणाम देती हैं,और इस ज्ञान की वजह से वे हर हाल विनम्रता के आभूषण को धारण कर प्रसन्नता और उत्साह के साथ समाधान पर काम करते हैं।सदैव खुश रहते हैं,और सबके प्रिय होते हैं।
विनम्र व्यक्ति की क्या पहचान है।
विनम्र व्यक्ति अपने चेहरे के आभूषण मुस्कान को हमेशा धारण किए रहते हैं।वह अपनी मीठी वाणी और चुनिंदा शब्दों के प्रभाव से किसी भी व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं,और अपने काम को आसानी से अंजाम देते है।विनम्र व्यक्ति बहुत ही गुणवान और समझदार होते हैं,वह परम सत्ता को मानने वाला होते हैं,उनकी विनम्रता उनकी ताकत बनती है।उसमें लेश मात्र भी क्रोध नहीं होता। यह विनम्रता उनकी सात्विकता बढ़ाती है,उन्हें तेजस्वी बनाती है,शक्तिमान बनाती हैं।
विनम्रता व्यक्ति को कृतज्ञ बनाती है। उसकी वाणी में मिठास भरती है। किसी व्यक्ति विशेष के जीवन की ऊंचाई को मापने के तीन ही पैमाने होते हैं उसकी मधुरता, उदारता,और विनम्रता।यह विनम्र व्यक्तित्व जिस किसी व्यक्ति से भी मिलते हैं,उसे महत्वपूर्ण व्यक्ति महसूस कराते हैं। ये अपनी ईमानदारी और सच्चाई की नीति पर चलते हैं,किसी के साथ व्यर्थ के वाद विवाद में नहीं उलझते। यह अपने शुभ कार्य को करने के लिए हर दिन को भाग्यशाली और हर समय को स्वर्णिम अवसर मानते हैं।
विनम्र व्यक्ति का क्या कार्य है
वे सबके प्रति वही व्यवहार,करते हैं,जो उन्हें खुद के लिए पसंद होता है।वह योग्यता की जगह अपनी विनम्रता को दोस्त बना कर अपने जीवन की कठिन से कठिन परिस्थिति को आसानी से लांध जाते हैं।विनम्रता ज्ञान और संस्कार से आती है। विनम्र व्यक्ति क्षमाशील होते हैं,जो उसके शक्तिशाली होने का गुन होता है।
बिनम्रता सारे सद्गुणों की नीव
विनम्रता सारे सद्गुणों की नींव बन कर उसके सफल जीवन के निर्माण में बड़ा सहयोग करती है।विनम्र व्यक्ति को कोई हरा नहीं सकता।विनम्रता अहंकार से भी उस व्यक्ति की रक्षा करती है।यह मानव को झुकना सिखाती है।यह विनम्रता हमारे व्यक्तित्व को आकर्षक और खूबसूरत बनाती है।विनम्रता किसी भी स्थिति में हमारी सुंदरता और पवित्रता का चिंह बनती है।विनम्रता हमारे हृदय को विशाल और इमानदार बनाती है,जो हमारी जीत को सुनिश्चित करती है।जीवन में ऊंचा उठने के लिए जिस तरह पक्षियों को पंखों की जरूरत होती है मनुष्य को विनम्रता की जरूरत होती है। अगर हम रिश्तो और समाज के इस त्रिकोण में विनम्र नहीं होते,तो छल कपट से तो सिर्फ हमारे जीवन में महाभारत ही होती है।
कैसे हम विनम्र बने
विनम्र व्यक्ति ही जीवन में उपलब्धियों को प्राप्त करता है। विनम्र व्यक्ति सबको आदर सम्मान देने वाले,सब की बातों को ध्यान से सुन कर जवाब देने वाले होते हैं। विनम्र व्यक्ति सोच समझकर बोलते हैं।
विनम्रता के लिए हम सात्विक भोजन ग्रहण करें,सदैव सकारात्मक विचारों से अपनी आत्मा को तृप्त रखें। अपने संग का ध्यान रखें।सोच समझ कर सोचें।
विनम्रता पर सुविचार
- आप अपनी विनम्रता से दुनिया को हिला सकते हो |
- जो मनुष्य विनम्रता से जितना झुकता है,वो उतना ही उपर ही उपर उठता है।
- हम विनम्र होकर ही अपने रिश्तो को संभाल पाते हैं |
- विनम्रता से ही जीवन में पात्रता आती है |
- महानता और पात्रता के हम सबसे करीब तब होते हैं,जब हम विनम्रता में अग्रगण्य होते हैं |
नम्रता व्यक्ति को कैसे महान बनाती है |
विनम्रता व्यक्ति की बुद्धिमता का उदाहरण है गुन है,जो यह दर्शाता है व्यक्ति कितना अनुशासित है।विनम्रता समाज, संस्कृति तथा जिनके संग हमारा जीवन व्यतीत होता है,उनके संग के प्रभाव से आती है।
नम्र व्यक्ति के सामने क्रोधी व्यक्ति अपना क्रोध भूल जाता है। विनम्रता ही हमारी श्रेष्ठता की पहचान है,क्योंकि हम कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न पहुंच जाए अगर हम विनम्र नहीं हैं तो हम वह आनंद नहीं ले सकते। हमारी विनम्रता का गुण हमारे रोजमर्रा के जीवन को खुशहाल बनाता है। हमारी विनम्रता तभी उभरती है जब हम अहंकार मुक्त होते है। हमारा व्यक्तित्व और हमारी विनम्रता ही हमारे जीवन को सुखी करती है, जीवन में खुशियां ही खुशियां उपहार स्वरूप लेकर आती है।
जय श्री कृष्ण
Thank you
निर्मल tantia



































































































































































































